दिल से दिल तक
अनोखे रिश्ते से जुड़ा होता है परिवार। आपस में खून का रिश्ता तो है ही जो सबसे मजबूत है, किन्तु थोड़ा ऊपर उठें तो इस ख़ून के रिश्ते को सर्वाधिक मजबूती देता है! वह है अहसास! प्रेम, प्यार, स्नेह का अहसास! एक-दूसरे की अहमियत का अहसास! खुद को पीछे रख के प्रियजन की खुशी और जरूरतें पूरा करने का अहसास! सबसे अहम है, हर खुशी और हर छोटी-बड़ी परेशानी में मजबूती के साथ एक-दूसरे के लिए खड़े रहने का अहसास और विश्वास!
उदाहरणतः पुत्र या पुत्री किसी छोटी-बड़ी समस्या से जूझ रहे हों (वह समस्या परीक्षा, पढ़ाई लिखाई, किसी के द्वारा परेशान किया जाना, ब्लैक मेल किया जाना इत्यादि कुछ भी हो सकती है) जिसे वे माता-पिता को न बताकर स्वयं ही सुलझाना चाहते हैं। हो सकता है वे माता-पिता की डाँट-फटकार से डरते हैं या उन्हें लगता है कि माता-पिता किसी परेशानी में न पड़ जाएं। ये माता-पिता के प्रति अथाह प्रेम है उनका, जिसका वे ख्याल करते हैं।
किन्तु माता-पिता उनके हाव-भाव और कार्य शैली से तुरन्त भांप जाएंगे कि बेटा या बेटी किसी समस्या से ग्रसित हैं।
कोई परेशानी है।
पिता या माता बिना कुछ कहे परेशान बच्चे के सिर या पीठ पर प्यार से हाथ रखें या सहलाएं तो बच्चा पिता के बिना बोले ही अहसास करेगा कि पिता हर समस्या में मेरे साथ हैं। मेरी परेशानी उन्होंने भांप ली है वह समस्या अवश्य सुलझा लेंगे।
तो बच्चा सारी समस्या बिना पूछे ही सामने रख देगा क्योंकि उसे विश्वास है कि मेरे पिता और हम सब मिलकर समस्या का सामना कर सकते हैं।
इसी तरह माता या पिता किसी परेशानी से ग्रसित हैं, बच्चे छोटे हैं लेकिन अहसास कर सकते हैं कि कोई तो समस्या है।
ऐसी परिस्थिति में बेटा या बेटी पिता या माता से लिपट कर एक बार कह दे, "आप परेशान क्यों हैं पापा आपकी हर परेशानी में मैं आपके साथ हूँ। हम सब मिलकर चुटकी में हल कर लेंगे।"
आप अंदाजा लगा सकते हैं कि पिता को कितना सुकून मिलेगा, उसकी आत्मा तक गद्गगद् हो जाएगी।
बच्चा परेशानी बेशक दूर न कर पाए लेकिन सामना करने की ताकत का संचार अवश्य करेगा।
यही अनोखे, प्यारे रिश्ते का अहसास है जो बिन बोले दिल से दिल तक पहुँच जाता है।
धन्यवाद 🙏🙏
स्वरचित-सरिता श्रीवास्तव "श्री"
धौलपुर (राजस्थान)
Rakesh rakesh
11-Oct-2023 11:50 PM
अपने दिल से लिखा
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Tabassum
11-Oct-2023 08:01 PM
👍👍
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fiza Tanvi
11-Oct-2023 06:37 PM
Good
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